इस से पहले की हम वेदांत पर चर्चा करें, हमे ये जानना जरूरी है की आखिर धर्म है क्या? मोटे तौर पे  आम आदमी के लिए धर्म का मतलब थोड़े से  विश्वास, कुछ किताबें, चंद पौराणिक कहानियां और अपने ख़ास इष्ट से प्रार्थना करने का तरीका भर है .एक ऐसा तरीका जो हमे दिन प्रतिदिन की जिजीविषा में  अनचाही घटना से बचाने  या कुछ मानसिक सुरक्षा देने का भरोसा दिलाता है.

 

लेकिन जब भी इंसान को कुछ चैन के क्षण मिलते हैं, उसका मन अपनी लगी बंधी रोजमर्रा की  जिंदगी के आगे बढ़ कर झाँकने की कोशिश में लग जाता है और  अनेकानेक सवाल उठाने का प्रयास करने लगता है. जितना ज्यादा जान पाटा है, उस से ज्यादा  प्रश्न उसे घेरते हैं..

 

अपने   बारे में जानने की उत्सुकता में  मानव  ने  ज्ञान-विज्ञानं की विविध विधाओं की शुरुआत और विकास किया. लेकिन फिर भी ये सारी विधाएं  हमारी अज्ञानता के अँधेरे पर पड़ने वाली चंद रौशनी के टुकड़ों से ज्यादा नहीं हो पाई. दिन प्रतिदिन  विस्तृत होते  विविध विज्ञानं  कभी भी भावनाओं, मृत्यु या अंतरतम के विचारों के रहस्य नहीं सुलझा पाए. इन्ही रहस्यों का हल पाने के लिए जो विचार बने वो धर्म शास्त्र बने और जो मन की आवाज़ उठी वो आस्था बन गयी.

 

अब जिस तरह किसी वैज्ञानिक सिद्धांत तभी सफल करार दिया जाता है जब की वह भविष्य में होने वाली घटनाओं की व्याख्या कर सके और बाद में हुई खोजों को आत्मसात कर सके, ठीक उसी तरह धार्मिक विश्वास  भी परीक्षा होती है. ऐसे ही कुछ धर्म धरती के विभिन्न हिस्सों पर उपजे और समय के साथ विकसित हुए.

 

ऐसे ही कुछ प्राचीन विश्वास अभी तक जीवित हैं.कुछ के आधार सिमट गयें हैं जैसे की पर्शिया का zorosthrianism  , जापान का shintoism तथा चीन का shamanism  और कुछ अभी भी पंख फैला रहे हैं जैसे जी Judaism तथा Hinduism . इन धर्मो का इतिहास खोजने की कोशिश हमे अतीत के अँधेरे में ही ले जाती है. इनका प्रारम्भ किसी पवित्र पुस्तक या किसी पैगम्बर से नहीं जोड़ा जा सकता है. परन्तु इन धर्मो की विकास यात्रा हमे बताती है की किस तरह से ये जीवंत धर्म  नए विश्वास और वैज्ञानिक परिणामों को आत्मसात करने में सक्षम रहे और  आज भी मानवता को दिशा दिखा रहे हैं.

 

ये था एक संकेत, या रूपरेखा ऐसे विश्वास की जो की जो हमसे  परिचित इतिहास के  पहले प्रारम्भ हुए और आज भी  आधुनिक मन  को सहारा दिए हुए हैं.

 

अब चलें एक प्राचीन फिर भी अर्वाचीन धर्म के परिचय के लिए..

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